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शादी का सुंदर बंधन - Shadi Ka Sundar Bandhan

शादी है प्रेम का मधुर एहसास, दो दिलों का पावन विश्वास। सात फेरे, सात जनम का साथ, हर सुख-दुख में रहे हाथों में हाथ। मंगल गीतों की गूँजे धुन, खुशियों से भर जाए हर गली, आँगन। सम्मान, भरोसा, प्रेम हो गहरा, साथ निभाए हर मौसम में ठहरा। नवजीवन का सुंदर आरंभ, शादी है प्रेम का सच्चा संगम। 
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जटाधारी शंकर तेरी जटा में

।। जटाधारी ।।
शंकर तेरी जटा मे , बहती है गंगधारा ।
काली घटा के अन्दर , जिमि दामिनी उजारा।।
गल मुण्डमाल राजे ,  शशि भाल मे विराजे ।
डमरू निनाद बाजे , कर मे त्रिशूल भारा ।।
शंकर तेरी जटा मे , बहती है गंगधारा ।
काली घटा के अन्दर , जिमि दामिनी उजारा।।

दृग तीन तेज़ राशी , कटिबन्ध भाग फाँसी।
गिरिजा है संग दासी , सब विश्व के अधारा ।।
शंकर तेरी जटा मे , बहती है गंगधारा ।
काली घटा के अन्दर , जिमि दामिनी उजारा।।
मृग चर्म भस्मधारी , वृषभराज पर सवारी ।
निज भक्त दु:खहारी , कैलास मे बिहारा ।।
शंकर तेरी जटा मे , बहती है गंगधारा ।
काली घटा के अन्दर , जिमि दामिनी उजारा ।।
शिव नाम जो उचारे , सब पाप दोष टारे ।
ब्रह्मानन्द ना बिसारे , भव सिन्धु पार तारा ।।
शंकर तेरी जटा मे , बहती है गंगधारा ।
काली घटा के अन्दर , जिमि दामिनी उजारा ।।
। हर हर महादेव ।

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