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शादी का सुंदर बंधन - Shadi Ka Sundar Bandhan

शादी है प्रेम का मधुर एहसास, दो दिलों का पावन विश्वास। सात फेरे, सात जनम का साथ, हर सुख-दुख में रहे हाथों में हाथ। मंगल गीतों की गूँजे धुन, खुशियों से भर जाए हर गली, आँगन। सम्मान, भरोसा, प्रेम हो गहरा, साथ निभाए हर मौसम में ठहरा। नवजीवन का सुंदर आरंभ, शादी है प्रेम का सच्चा संगम। 
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उतर गया - Mukamal Ishq Shayari

 Mukamal Ishq Shayari

उतर गया जो समंदर में वही लाता है
 मोती, साहिल पे खड़े होके कौन पाता है
हिचकियाँ इतनी सुबह से ही आज उठने लगी
 लगता है मेरी गज़ल कोई गुनगुनाता है
ख्याल ऐसा भी अगर आये जिसमें तुम न हो
 देर तक दिल ये हमारा तो तड़प जाता है
ये जो रिश्तों की फजीहत है बस यहीं तक है
 इसके आगे का सनम तुमसे मेरा नाता है
जो भी करना है इसी पल में मुकम्मल कर ले
 लौटके वक्त नही वापिस कभी आता है..

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